Join us?

विशेष

बाजार में आए मिट्टी के गुड्डे-गुड़िया

रायपुर। अक्षय तृतीया उसका परवर शुक्रवार को है । अक्षय तृतीया के लिए मिट्टी के बने खिलौना बाजार में आए गए हैं। अक्षय तृतीया का पर्व 10 मई को मनाया जाना है जिसके लिए कुम्हारों ने मिट्टी से बनाए गुड्डा-गुडिय़ों की बिक्री शुरू कर दी है।
छत्तीसगढ़ में इस दिन को शादी के लिए शुभ माना जाता है वहीं घरों में गुड्डा-गुडिय़ों की पूजा व शादी कराकर इस पर्व को मनाया जाता है। सर्वसिद्धी मुहूर्त अक्षय तृतीया को छत्तीसगढ़ में अक्ति के नाम से पहचान मिली है। सर्व सिद्धि मुहूर्त के रूप में महत्व रखने वाले इस पर्व में विवाह, गृहप्रवेश जैसे मांगलिक कार्य किए जाते हैं तो वस्त्र, आभूषण वाहन और नए भवन की खरीदी के लिए यह पर्व विशेष महत्व रखता है।
मिट्टी के बर्तन का विशेष महत्व है
अक्षय तृतीया के दिन मिट्टी के बर्तन का विशेष महत्व है । गुड्डा गुडिय़ों का विवाह ही बच्चे रचाते हैं इसके लिए खरोरा के बाजार में कुम्हारों द्वारा चिल्लाती धूप में पसरा लगाया जा रहा है । इस बार दुकान में दिया, कलश, धूपदान, गुड्डा गुडिय़ा लाए गए है। गुड्डी गुडिय़ा का दाम इस बार 50 से लेकर 100 तक रखी गई है आकर्षक और विशेषता सज्जा के साथ गुड्डा गुडिय़ों को बनाया गया है। जो बच्चे को काफी पसंद आएगा।
अक्षय तृतीया विवाह
इस वर्ष अक्षय तृतीया / अक्ति / दिनांक शुक्रवार 10 मई को है। पंडित सुरेश कुमार शर्मा कठिया वाले लेने बताया कि आज के दिन गंगा स्वर्ग से धरती पर आई थी। भगवान परशुराम का जन्म आज ही के दिन हुआ था। मां अन्नपूर्णा का प्राकट्य दिवस आज के दिन हुआ था। द्रोपति को कृष्ण जी द्वारा वस्त्र प्रदान कर, आज ही के दिन लज्जा बचाया था। कुबेर जी को देवताओं का खजाना का मुखिया आज ही के दिन बनाया था। कृष्ण सुदामा का मिलन द्वारिका में, आज ही के दिन हुआ था। सतयुग और त्रेतायुग का प्रारंभ आज ही के दिन हुआ था। तीर्थ महान बद्रीनाथ जी का कपाट आज ही के दिन खोला जाता है। बृन्दावन में कृष्ण जी के श्री विग्रह का चरण दर्शन हेतु आज ही के दिन पट खोला जाता है। बाकी दिन प्रभु के चरण ढके होते हैं। महाभारत का युद्ध आज ही के दिन समाप्त हुआ था। आज के दिन दिया हुआ दान,अक्षय होता है। और विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इसीलिए अक्षय तृतीया कहा जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button