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विदेश

कुवैत की आग में 42 भारतीयों की मौत

नई दिल्ली। कुवैत के मंगाफ शहर में एक बहुमंजिला इमारत में बुधवार सुबह आग लगने से 42 भारतीयों की मौत हो गई। इस भीषण अग्निकांड में कुल मिलाकर 49 विदेशी कामगार मारे गए हैं। इनमें नेपाल और पाकिस्तान समेत अन्य देशों के नागरिक शामिल हैं। 50 से अधिक घायल लोगों में भी अधिकांश भारतीय ही हैं।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि घायलों का इलाज जारी
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि घायलों को पांच सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने विदेश राज्यमंत्री कीर्ति व‌र्द्धन सिंह को कुवैत के लिए रवाना किया है, जो वहां स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर घायलों को राहत दिलाने और मृतकों के शवों को स्वदेश लाने में मदद करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस घटना पर गहरा शोक जताया है। कुवैत के अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबाह ने अधिकारियों को अग्निकांड की जांच का आदेश दिया और कहा कि जिन लोगों के चलते यह त्रासदी हुई है, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा। पीडि़तों के स्वजन को भेजे गए शोक संदेश में अमीर ने अपनी गहरी संवेदना और दुख व्यक्त किया तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
पीएम मोदी ने जताया दुख और समीक्षा बैठक की
पीएम मोदी ने इस घटनाक्रम पर कहा है कि कुवैत के शहर में आग लगने की घटना बहुत ही दुख देने वाला है। मृतकों के परिजनों व मित्रों के प्रति मैं संवेदना प्रकट करता हूं। घायल लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की मैं कामना करता हूं। कुवैत स्थित भारतीय दूतावास पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत देने का काम कर रहा है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा है कि कुवैत के शहर में आग लगने के घटनाक्रम से स्तब्ध हूं। हमारे राजदूत घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। आगे और सूचना आने की उम्मीद है। प्रभावित लोगों को हर तरह की मदद देने को हम तैयार हैं।
कुवैत में भारतीय बतौर श्रमिक अपना योगदान देते हैं
इसके कुछ ही देर बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पीएम मोदी के निर्देश पर विदेश राज्यमंत्री को तत्काल कुवैत के लिए रवाना किया जा रहा है। भरपूर तेल भंडार वाले कुवैत में तकरीबन 10 लाख भारतीय रहते हैं, जो वहां की आबादी का 21 प्रतिशत है। इनमें से नौ लाख भारतीय बतौर श्रमिक अपना योगदान देते हैं। पूर्व में कई बार कुवैत व दूसरे खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय श्रमिकों की खराब स्थिति का मामला सामने आता रहा है। जयशंकर ने की कुवैती समकक्ष से बातप्रेट्र के अनुसार, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार रात अपने कुवैती समकक्ष अब्दुल्ला अली अल-याह्या से बात की और उनसे भीषण आग में मारे गए लोगों के पार्थिव अवशेषों की शीघ्र स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
एस जयशंकर ने अपने समकक्ष से की बात
जयशंकर ने एक्स पर लिखा, कुवैत में आग लगने की घटना पर विदेश मंत्री अब्दुल्ला अली अल-याह्या से बात की। उन्होंने इस संबंध में कुवैती अधिकारियों द्वारा किए गए प्रयासों से अवगत कराया। उन्होंने आश्वासन दिया कि घटना की पूरी जांच की जाएगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि घायलों का उचित इलाज कराया जा रहा है।

 

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